Cyber Crime Law in India in Hindi | IT Act 2000

Computer, Internet, Tablet या फिर किसी अन्य Device से किये जाने वाले अपराधो के लिए छोटे मोटे जुर्मानो से लेकर उम्रकैद की सजा दी जा सकती है ! Cyber Crime Law in India ! दुनिया भर में जांच एजेंसी साइबर सुरक्षा को बहुत ही गंभीरता से ले रही है !ऐसा में सुचना तकनीक कानून 2000 और सूचना तकनीक कानून 2008 लागू होते ही है ! इस तरह के  अन्य मामलो में ध्यान में रखते हुए भारतीय दंड संहिता ( यानी IPCCopyright कानून के 1957 कम्पनी Law सरकारी गोपनीयता कानून यहा तक की बिरले मामलो में आतंकवाद निरोधक कानून भी लागु किये जा सकते है ! कुछ मामलो पर भारत सरकार के IT डिपार्टमेंट की तरफ से अलग से जारी किये गये IT नियम 2011 भी लागू होता है !

कानून में निर्दोष लोग को साजिसन फ़साये गये लोगो के लिए भी अलग कानून होता है! लोगो को हमेशा सतर्क रहना चाहिए की ! उनसे जाने अनजाने में कोई  Cyber Crime तो नही हो रहा है ! तकनिकी जरियों का सुरक्षित इस्तेमाल के लिए हमेशा याद रखे ! इलाज से परहेज बेहतर है ! तो आइये जानते है ! Cyber Crime Law in India !

आज हम जानेगे की Cyber Crime कितने प्रकार के होते है ! और उसके करने पर हमे कौन सी सज़ा मिल सकती है !

Cyber Crime Law in India

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Hacking :-

Cyber Crime में  हैकिंग सबसे पहले आता है ! Hacking ! Hacking का मतलब होता है, किस अन्य व्यक्ति के नेटवर्क में बिना किस Permission के घुसपैठ करना ! और उसके डाटा से छेड़छाड़ करना ! ये Hacking System के फिजिकल एक्सेस का जरिये भी हो सकता है ! और रिमोट एक्सेस के जरिये भी हो सकती है ! जरुरी नही की हैकिंग के नतीजे में उस System को नुकसान पहुचे  !अगर कोई नुकसान नही भी हुआ तो ! घुसपैठ करना Cyber Crime के अन्तर्गत आता  है ! जिसके लिए सज़ा का प्रावधान है !

Hacking पर कानून:- हैकिंग पर IT संशोधन Act 2008 की धारा 43 A, धारा 66 , IPC की धारा 379 और 406 के तहत आप पर कार्यवाही की जा सकती है !

Hacking की सजा :-  हैकिंग का अपराध साबित होने पर , आपको 3 साल तक की जेल या 5 लाख  रूपये तक का जुर्माना भरना पड़ता है !

डाटा की चोरी :-

किसी और  व्यक्ति या संगठन या किसी सिस्टम से डाटा यानी सूचना कि चोरी ! यदि किसी संगठन के निजी एवम गुप्त जानकारी तक आपकी Authorised पहुँच है ! लेकिन अपनी जायज पहुँच का फायदा उठाते हुए ! उसके डाटा का दुरूपयोग करते है, तो वो भी इसके दायरे में आएगा ! कॉल सेंटर और दुसरो की जानकारी रखने वाले संगठन से भी निजी जानकरी चोरी के मामले भी सामने आते रहते है !

डाटा की चोरी पर कानून :- IT संसोधन Act 2008 की तहत धारा 43 P , धारा 66 E, धारा 77 C IPC की धारा 379, 405 और 420 और Copyright Act इस पर लागू होता है !

डाटा की चोरी पर सज़ा :- अपराध की गंभीरता की हिसाब से 3 साल तक की जेल या फिर 2 लाख रूपये तक का जुर्माना आपको देना पड़ सकता है !

वायरस-स्पाईवेयर फैलाना :- 

कंप्यूटर में आये वायरस और स्पाईवेयर के सफाई पर लोग ध्यान नही देते ! उनके कंप्यूटर से होते हुए ये वायरस दुसरे तक पहुँच जाते है ! हैकिंग , डाउनलोड कंपनी के अन्धरुनी नेटवर्क और WiFi कनेक्शन और असुरक्षित Flash Drive CD के जरिये भी वायरस फैलते है ! वायरस बनाने वाले अपराधियों की पूरी Industry है ! उनके खिलाफ कड़ी कारवाई होती है ! वैसे आम लोग भी कानून के दायरे में आ सकते है ! अगर उनकी लापरवाही के वजह से किसी के System में खतरनाक Virus पहुँच जाए , और कोई बड़ा नुकसान हो जाये !

वायरस-स्पाईवेयर पर कानून :-  IT संसोधन Act 2008 की तहत धारा 43 C धारा 66 IPC की धारा 268, पेज पर फैलाये गये वायरस पर Cyber आतंकवाद की धारा 66 F भी लागू होती है ! जो की गैर जमानती धारा है ! 

वायरस-स्पाईवेयर फैलाने पर सज़ा :- Cyber War और Cyber आतंकवाद से जुड़े मामलों में उम्रकैद और दुसरे मामलो में 3 साल तक की सज़ा या जुर्माना देना पड़ सकता है ! 

पहचान की चोरी :-

किसी दुसरे व्यक्ति की पहचान से जुड़े डाटा या गुप्त सूचना का इस्तेमाल करना ! मिसाल के तौर पे कुछ लोग दुसरो के Credit Card , Passport Number, Aadhar Number, Digital ID Cards , Passwords Electronics Signature का इस्तेमाल करके , रूपये पैसे की निकासी कर लेते है !

जब आप कोई और शख्स होने का आभास देते हुए ! अपराध करते है ! या बेवजह फायदा उठाते है , तो वो पहचान की चोरी के दायरे में आता है !

पहचान की चोरी पर कानून :- IT संसोधन Act 2008 की तहत धारा 43 , 66 C , IPC की धारा 419 का इस्तेमाल मुमकिन है ! 

पहचान की चोरी पर सजा :- इसमें आपको 3 साल तक की जेल या 1 लाख रूपये तक का जुर्माना आपको देना पड़ सकता है !

ई-मेल स्पूफिंग और फ्राड :- 

किसी दुसरे व्यक्ति के ईमेल पते का इस्तेमाल करते हुए ! गलत मकसद से दुसरो को ईमेल भेजना !इसके तहत आता है ! हैकिंग , फिसिंग और वायरस फैलाने के लिए इस तरह के फ्रॉड का इस्तेमाल किया जाता है !

ई-मेल स्पूफिंग और फ्राड पर कानून :- IT संसोधन Act 2008 की तहत धारा 66 D IPC की धारा 417 , 419 और 465 आता है ! 

ई-मेल स्पूफिंग और फ्राड पर सजा :- इसमें आपको 3 साल तक की जेल या जुर्माना देना पड़ सकता है !

पोर्नोग्राफी :-

पोर्नोग्राफी के दायरे में ऐसे Photos, Videos Text और सामग्री आती है , जिसकी प्राकृतिक यौन हो ! और यौन कृत्यों पर आधारित हो ! ऐसी सामग्री को Electronic ढंग से प्रकाशित करने , किसी को भेजने , या किसी और के जरिये प्रकाशित करवाने या भिजवाने  पर  पोर्नोग्राफी निरोधक कानून लागु होता है ! जो लोग किसी दुसरे के नंगेपन या अश्लील विडियो तैयार कर लेते है ! और Electronic माध्यम से दुसरे तक पहुचाते है ! जैसे की YouTube पर Upload कर दिया या किसी अन्य Social Network पर Upload कर दिया ! किसी कोई उसकी मर्जी के खिलाफ किसी को अश्लील मैसेज भेजते है तो वो भी इसके दायरे में आता है !

इसके कुछ अपवाद है ! :- जैसे किसी भी अश्लील को फैलाना अपराध है ! लेकिन उसे देखना पढना या सुनना अपराध नही है ! चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना भी अवैध है ! लेकिन चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना भी अवैध है !  कला, शिक्षा, धर्म, या विज्ञानं से जुडी कामो से जुड़े कामो के लिए तैयार की गयी उचित सामग्री  अवैध नही मानी जाती है !

पोर्नोग्राफी पर कानून :- IT संसोधन Act 2008 की तहत धारा 66 A IPC की धारा 292, 293 , 294 500 , 506 और 509 लागु होता है !

पोर्नोग्राफी पर सज़ा :- जुर्म की लिहाज़ से पहली गलती पर 5 साल तक की  जेल या 10 लाख तक का जुर्माना और दूसरी गलती करने पर जेल की सज़ा 7 साल तक की हो सकती है !

चाइल्ड  पोर्नोग्राफी :-

चाइल्ड पोर्नोग्राफी भी साइबर क्राइम के अन्दर आता है ! ऐसे मामलों में कानून और भी कड़ा है ! बच्चो को Sexual Act में या नंगे पन दिखाते हुए या Electronics Format में कोई चीज़ प्रकाशित करने या दुसरे को भेजना ! इससे भी आगे बढ़ कर कानून कहता है ! की जो लोग दुसरो से जुडी अश्लील सामग्री तैयार करते है ! खोजते है, देखते है ! या फिर डाउनलोड करते है ! विज्ञापन देते है ! दुसरे के साथ लेने देन करते है  या बांटते है ! ये भी गैर क़ानूनी है ! बच्चे को बहला फुसला कर ऑनलाइन सम्बन्धो को बनाने के लिए तैयार करना और उनसे सम्बन्ध बनाना ! और उनसे जुडी यौन गतिविधियों की रिकॉर्डिंग करना ! MMS बनाना दुसरो को भेजना इत्यादि भी इसके अन्दर आता है ! यहा बच्चो से मतलब 18 साल से कम उम्र के लोग है !

चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर कानून :- IT संसोधन Act 2009 की तहत धारा 66 B IPC की धारा 292 , 293 , 294 , 500, 506 और 509 लागु होता है !

चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर सजा :- पहले अपराध पर 5 साल की जेल या 10 लाख रूपये तक का जुर्माना ! और दुसरे अपराध पर 7 साल तक की सज़ा या 10 लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है !

तो ये थे हमारे कुछ Cyber Crime Law in India ( भारतीय दंड संहिता में कुछ साइबर क्राइम अपराध और उनसे जुडी सजा ) अगर आपको ये लेख पसंद आयी तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करे !

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