Gopal Kavacham Pdf Download in Hindi

नारद जी का पंचरात्र में श्री गोपाल कवच Gopal Kavacham का उल्लेख में किया गया है ! Gopal Kavacham को शिव भगवान ने माता पार्वती को सुनाये थे ! जो व्यक्ति श्री गोपाल कवच का पाठ प्रतिदिन करता है ,उसे हर कष्ट और दुखों से छुटकारा मिल जाता है !

आज के इस अर्टिकल में आपको Gopal Kavacham के पढने का सबसे आसान तरीका बताऊंगा और साथ ही इससे होने बाले लाभ को पूरी जानकारी देने वाला हूँ तथा साथ में आप सभी को मैं Gopal Kavacham Pdf भी देने वाला हूँ जिसे आप डाउनलोड करके पढ़ सकते है और उसका लाभ ले सकते है !

What is Gopal Kavacham ?

श्री गोपाल कवच माता पार्वती जी को भगवान शिव के द्वारा सुनाया गया था ! यह कवच श्री कृष्ण जी को समर्पित है ! ग्रहों का बुरा प्रभाव के लिए इस कवच का पूजा अवश्य कर ले ! ये कवच आपको बड़े से बड़े मुसीवत से बचाए गा ! जो भक्त प्रतिदिन श्री गोपाल कवचम् का पाठ करता है, वह अपने सभी संकटों से मुक्त हो जाता है जो उसके शत्रुओं द्वारा बनाए गए बाधाओं पर जीत हासिल करता है !

Gopal Kavacham benefits in hindi

ऐसे तो इस कवच का का बहुत ही लाभ है , लेकिन कुछ महत्वपूर्ण लाभ मई इस आर्टिकल में आपके साथ शेयर करने बाला हूँ ! ये कवच बहुत ही लाभकारी होता है इसे हर व्यक्ति को धारण करना चाहिए !

  • प्रतिदिन इस कवच का पथ करने से घर में सुख शांति बना रहता है !
  • Gopal कवच बुरी आत्माओं से सुरक्षा प्रदान करता है !
  • ये कवच आपके शरीर को रक्षा करता है !
  • इस कवच से ग्रहों की बुरी से बुरी दशा से छुटकारा मिल जाता है !
  • इस कवच से दुश्मनों पर विजय प्राप्त किया जा सकता है !
  • इस कवच से शारीरिक कष्ट दूर हो जाते हैं !
  • इस कवच से सभी प्रकार की बाधा खत्म हो जाता हैं !
  • आपका हर परेशानी दूर हो जायेगा !

Gopal Kavacham in Hindi

श्रीमहादेव उवाच ॥
अथ वक्ष्यामि कवचं गोपालस्य जगद्गुरोः ।
यस्य स्मरणमात्रेण जीवनमुक्तो भवेन्नरः ॥ १ ॥

श्रृणु देवि प्रवक्ष्यामि सावधानावधारय ।
नारदोऽस्य ऋषिर्देवि छंदोऽनुष्टुबुदाह्रतम् ॥ २ ॥

देवता बालकृष्णश्र्च चतुर्वर्गप्रदायकः ।
शिरो मे बालकृष्णश्र्च पातु नित्यं मम श्रुती ॥ ३ ॥

नारायणः पातु कंठं गोपीवन्द्यः कपोलकम् ।
नासिके मधुहा पातु चक्षुषी नंदनंदनः ॥ ४ ॥

जनार्दनः पातु दंतानधरं माधवस्तथा ।
ऊर्ध्वोष्ठं पातु वाराहश्र्चिबुकं केशिसूदनः ॥ ५ ॥

ह्रदयं गोपिकानाथो नाभिं सेतुप्रदः सदा ।
हस्तौ गोवर्धनधरः पादौ पीतांबरोऽवतु ॥ ६ ॥

करांगुलीः श्रीधरो मे पादांगुल्यः कृपामयः ।
लिंगं पातु गदापाणिर्बालक्रीडामनोरमः ॥ ७ ॥

जग्गन्नाथः पातु पूर्वं श्रीरामोऽवतु पश्र्चिमम् ।
उत्तरं कैटभारिश्र्च दक्षिणं हनुमत्प्रभुः ॥ ८ ॥

आग्नेयां पातु गोविंदो नैर्ऋत्यां पातु केशवः ।
वायव्यां पातु दैत्यारिरैशान्यां गोपनंदनः ॥ ९ ॥

ऊर्ध्वं पातु प्रलंबारिरधः कैटभमर्दनः ।
शयानं पातु पूतात्मा गतौ पातु श्रियःपतिः ॥ १० ॥

शेषः पातु निरालम्बे जाग्रद्भावे ह्यपांपतिः ।
भोजने केशिहा पातु कृष्णः सर्वांगसंधिषु ॥ ११ ॥

गणनासु निशानाथो दिवानाथो दिनक्षये ।
इति ते कथितं दिव्यं कवचं परमाद्भुतम् ॥ १२ ॥

यः पठेन्नित्यमेवेदं कवचं प्रयतो नरः ।
तस्याशु विपदो देवि नश्यंति रिपुसंधतः ॥ १३ ।

अंते गोपालचरणं प्राप्नोति परमेश्र्वरि ।
त्रिसंध्यमेकसंध्यं वा यः पठेच्छृणुयादपि ॥ १४ ॥

तं सर्वदा रमानाथः परिपाति चतुर्भुजः ।
अज्ञात्वा कवचं देवि गोपालं पूजयेद्यदि ॥ १५ ॥

सर्व तस्य वृथा देवि जपहोमार्चनादिकम् ।
सशस्रघातं संप्राप्य मृत्युमेति न संशयः ॥ १६ ॥

Gopal Kavacham Proccess in Hindi

  • सबसे पहले श्री कृष्ण का मूर्ति ले !
  • अच्छे तरीके से स्नान आदि कर ले !
  • दिए , धुप और अगरवती ले लें !
  • हसरी कृष्ण को पूजा के लिए माखन और मिश्री जरुर ले !
  • धुप अगरवती के बाद इस कवच को पढ़ सकते हैं !

Gopal Kavacham Pdf Download

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