Manusmriti PDF Book Free Download

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हमेशा से Manusmriti को लेकर लोगो के बीच में बवाल होता रहा है, आखिर Manusmriti के अंदर ऐसा क्या लिखा इसे आप पढ़ कर ही समझ सकते है!

अगर आप मनुस्मृति से अपना भ्रम और वास्तविकता के बारे में जानना चाहते है तो आपको मनुस्मृति को जरुर पढना चाहिए!

What is Manusmriti | मनुस्मृति क्या है?

Manusmariti PDF

Manusmriti हिन्दू धर्म का एक प्राचीन धर्म ग्रन्थ है, इसे मानव-धर्म-शास्त्रमनुसंहिता आदि नामों से भी जाना जाता है। यह मनु के द्वारा ऋषियों को दिया गया उपदेश है! यानी की यह मुख्य रूप से मनु के द्वारा रचित ग्रन्थ है! मनुस्मृति में मुख्य रूप से मनुष्य के बारे में और उनके धर्म के बारे में लिख गया है,

लोगो के बीच में इसको लेकर काफी बवाल इसलिए होता है, क्योकि इसमें औरतो को मर्दों के पैर की जुती समझा जाता है! इसलिए बाबा साहेब अम्बेडकर ने संविधान बनाते समय मनुस्मृति को जलाया था, तब से लेकर अब तक इस ग्रन्थ को लेकर काफी मतभेद रहा है!

इसमें महिलाओ के ऊपर काफी ज्यादा पाबन्दी लगाया गया था, जैसे वो बिना आज्ञा कहीं आ जा नही सकती है, ना ही वो पढ़ सकती है, उन्हें किसी भी चीज का अधिकार नहीं था, इसतरह के बहुत से पाबन्दी थे! इन सभी चीजो के बारे में मनुस्मृति में लिखा गया है!

Who has written manusmriti?

मनुस्मृति को किसी एक के द्वारा नही लिखा गया है, इसे  उपदेश के रूप में है जो मनु द्वारा ऋषियों को दिया गया था! लेकिन परम्परानुसार यह स्मृति स्वायंभुव मनु द्वारा रचित है!

मनुस्मृति वेद के बाद सबसे पुरानी पुस्तक है, वेदों के बाद मनुस्मृति को हिदुओ का प्रमुख ग्रन्थ है, मनुस्मृति में वेद सम्मत बातो का खुलासा किया गया है! यह मनुस्मृति पुस्तक रामायण और महाभारत से भी प्राचीन है,

महाभारत में बार बार राजा मनु का जिक्र किया गया है, लेकिन मनुस्मृति में कभी भी महाभारत या श्री कृष्ण का जिक्र नही किया गया है!

मनुस्मृति पर क्यों होता है बवाल

एक लड़की को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में होना चाहिए, और शादी के बाद लड़की को पाने पति के संरक्षण में होना चाहिए , और लड़की को अपने पति के मौत पर अपने बच्चो के दया पर जिन्दा रहना चाहिए ! किसी भी स्थिति में महिला को आजाद नही होना चाहिए ! ये बाते मनुस्मृति में लिखी गयी है!

मनुस्मृति में दलितों और महिलाओं के बारे में कुछ ऐसी बाते लिखी है, जिससे विवादों का जन्म होता रहता है! मनुस्मृति को बाबा साहेब आंबेडकर में जलाकर संविधान को दर्जा दिया, जो सबको आजादी देता है!

मनुस्मृति को कभी कोई महान बताता है, तो कभी कोई इसका विरोध करता है, इससे हमेशा लोगो के बीच में मनुस्मृति को लेकर लोगो के बीच में विवादों का जन्म होता रहता है! मनुस्मृति को कट्टर हिन्दू नेताओ के द्ववारा बढ़ावा दिया जाता है!

इसमें मुख्य नेता भिड़े है को हमेशा मनुस्मृति को बढ़ावा देते रहते है, साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी बी भिड़े का समर्थन किया था और साल 2018 में भिड़े के साथ उनकी एक फोटो भी ट्वीट किया गया था ! इन्ही सब बातो को लेकर हमेशा विवाद होता रहता है!

मनुस्मृति (Manusmriti) में शुद्रो के बारे में क्या लिखा है

मनुस्मृति में शुद्रो के बारे में क्या क्या बाते लिखी है, जिससे हमेशा विवाद पैदा होता है

  • मानवता के कल्याण के लिए परम पिता ब्रम्हा ने अपने मुख से ब्राम्हणों को जन्म दिया, क्षत्रियो को अपनी भुजाओं से, वैश्यों को अपनी जांघो से और शुद्रो को अपने पैरो से पैदा किया! (मनु का कोड – 31)
  • भगवान् ने कहा है की एक शुद्र का कर्तव्य है की उपरी वर्णों की श्रद्धापूर्वक सेवा करे ! उसका यही धर्म है!
  • सौ साल के क्षत्रिय को दस साल के ब्राम्हण लडके को अपने पिता के रूप में मानना चाहिए !
  • ब्राम्हण को भोजन के लिए कभी अन्य वर्णों के व्यक्तियों को आमंत्रित नही करना चाहिए, अगर कोई ब्राहमण से भोजन मांगता है तो ब्राम्हण कुछ बचाखुचा दे सकता है लेकिन वो भी उसके नौकर उसके घर से बाहर देंगे !
  • वः जो शुद्र विद्यार्थी को निर्देश देता है और वह जिसका शिक्षक एक शुद्र है, वो श्राद्ध में आमंत्रित होने के लिए अयोग्य हो जायेगा !
  • एक शुद्र शिक्षा प्राप्त करने के लिए अयोग्य है! उपरी वर्ण शुद्र को शिक्षा या सलाह ना दे!
  • यह आवश्यक नही है की शुद्र को नियमो और संहिताओ का पता होना चाहिए और इसलिए उन्हें पढ़ाने की आवश्यकता नही है ! जो इसका उलंघन करेगा वो नरक में जायेगा !
  • ब्राम्हण को ऐसे देश में n रहने दे जहा शासक शुद्र हो!
  • शुद्रो के उपस्थिति में कभी नही पढ़ना चाहिए !
  • जिस देश में ब्राम्हण खुश नही हिया वो देश तबाह हो जायेगा !
  • सिर्फ एक ब्राहमण सभ्य होता है, न्यायाधीश के रूप में कार्य करे, लेकिन शुद्र कभी ऐसा नही कर सकता है !
  • एक राजा जिसके साम्राज्य में एक शुद्र कानून का पालन कराये, वो साम्राज्य दलदल में गाय की तरह डूब जायेगा !
  • अगर कोई ब्राह्मण को गुलाम बनाने की कोशिश करता है तो उस पर 600 पर्ण का जुर्माना लगना चाहिए !
  • एक ब्राहमण शुद्र को बिना किसी वेतन के सेवा करने के आदेश दे सकता है, क्योकि ब्राह्मणों के सेवा करने के लिए ब्रम्हा ने शुद्र को बनाया है!
  • भले ही एक ब्राहमण शुद्र को गुलामी से मुक्त कर दे, लेकिन शुद्र फिर भी गुलाम बना रहता है, किसी को भी उसे मुक्त करने के अधिकार नही है!
  • एक शुद्र जो दिज व्यक्ति का अपमान करता है उसकी जीभ कटेगी क्योकि वह नीच है!
  • अगर शुद्र द्विज नामो और जातियों का उल्लेख करता है, तो एक दस उंगली लम्बी लोहे कील उसके मुह में डलवा दी जाए !
  • यदि कोई शुद्र घमंड से ब्राह्मणों को धर्म का उपदेश देता है , तो राजा उसके मुहं और कान में जलता हुआ तेल डलवा दे !
  • एक शुद्र जो उच्च जाति की महिला के साथ सम्भोग करता है, तो उसे मौत के घाट उतार दिया जाना चाहिए और उसकी सम्पति को जब्त कर लिया जाना चाहिए !
  • एक ब्राह्मण शुद्र को बाध्य कर सकता है, चाहे वो ख़रीदा गया हो या बिना काम किया हुआ हो !

ऐसे ही और बहुत से बाते मनुस्मृति (Manusmriti) में लिखी गयी है, जो विवादों को जन्म देती है! आप अगर मनुस्मृति को समझना चाहते है तो इसे आपको पूरा पढना पड़ेगा !

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What Manusmriti says about woman?

मनुस्मृति में एक स्त्री के बारे में क्या लिखा गया है! क्या सच में मनुस्मृति में स्त्री को सताने वाली बाते लिखी गयी है, हम आज इन सभी चीजो के बारे में जानेगे!

मनु द्वारा स्त्री को समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया गया है! उनका यह विचार मनुस्मृति में ही दिए गये एक श्लोक से सिद्ध होता है, जिसका अर्थ है, “जहां स्त्रियाँ का सत्कार एवं सम्मान होता है, वहीं देवता वास करते है” ! यानी की जिस समाज में स्त्री को सम्मान प्राप्त नही होगा, वहां प्रगति होना असंभव है!

मनु में लिखा है की स्त्री को हमेशा अपने पिता के संरक्षण में होना चाहिए, और शादी के बाद उसे अपने पति के संरक्षण में होना चाहिए, और अगर उसका पति मर जाए तो उसे अपने बच्चो के संरक्षण में होना चाहिए ! और यदि उस स्त्री का कोई ना हो तो उसे उसके भाई के संरक्षण में होना चाहिए !

आज के समाज में जहां ओग वर के योग्य कन्या का तलाश करते है वहीं मनुस्मृति में बिल्कुल उल्टा लिखा गया है, मनु मानते है की हमें हमेशा कन्या के योग्य वर की तलाश करनी चाहिए ना की वर के योग्य कन्या की ! मनु के स्त्री शिक्षा को भी एक बड़ा महत्व दिया गया है ! जो आज के समाज को समझने की जरुरत है !

विवाह के सन्दर्भ में स्त्रियों के लिए मनु की जो सोच है उसमे जो सोच है उसमे एक और आश्चर्यजनक बात भी शामिल हिया ! मनु कहते है की यदि अभिभावक को कन्या के योग्य वर की प्राप्ति नही हो रही है तो उन्हें कभी भी अयोग्य वर से अपनी कन्या का विवाह नही करना चाहिए ! बेशक उन्ही कन्या ताउम्र कुँवारी रह जाए, लेकिन उसकी ख़ुशी के लिए उन्हें अपने कन्या के लिए योग्य वर ही चुनना चाहिए !

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पुस्तक का नाममनुस्मृति
पुस्तक के रचनाकारमनु
पुस्तक की श्रेणीधर्मग्रन्थ
पुस्तक की साइज़….
पृष्ठों की संख्या

Original Manusmriti in Hindi Pdf

मनुस्मृति हिन्दू धर्म का एक प्राचीन धर्मशास्त्र है! विद्वानों के अनुसार मनु परम्परा की प्राचीनता होने पर भी वर्तमान मनुस्मृति ईसापूर्व चतुर्थ शताब्दी से प्राचीन नहीं हो सकती है! आप अगर प्राचीन मनुस्मृति को खरीदना चाहते है तो नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करके खरीद सकते है!

हमने अपने पाठको के लिए आज एक नई Manusmriti PDF Book लाया हूँ जिसे आप नीचे दिए गये Download Button पर क्लिक करके Download कर सकते है! अगर किस को भी इस पीडीऍफ़ से कोई समस्या है या फिर Download करने में किसी को कोई भी समस्या आ रही है तो वह मुझसे सम्पर्क कर सकता है!

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General FAQ About Manusmriti

Who is wrote Manusmriti?

मनुस्मृति को किसी एक के द्वारा नही लिखा गया है, इसे  उपदेश के रूप में है जो मनु द्वारा ऋषियों को दिया गया था! लेकिन परम्परानुसार यह स्मृति स्वायंभुव मनु द्वारा रचित है!

Why is Manusmriti famous?

मनुस्मृति की रचना के बाद, मनुस्मृति अभी तक का सबसे मुख्य हिन्दू धर्म-शास्त्र है, और यह सभी कानून के पुस्तको पर अभी तक हावी है! इसलिए मनुस्मृति आज भी एक प्रसिद्ध धर्म-शास्त्र ग्रन्थ है !

Who destroyed Manusmriti?

25 दिसंबर, 1927 की शाम को मनुस्मृति को जलाने का प्रस्ताव भीम राव अम्बेडकर के ब्राह्मण सहयोगी गंगाधर नीलकांत सहस्त्रबुद्धे और एक दलित नेता पीएन राजाभोज द्वारा पेश किया गया था!


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