Ram Shalaka Pdf Download ! what is Ram Shalaka in Hindi

गोस्वामी तुलसीदास रचित “श्री राम चरित मानस” पर आधारित है ! आपके जीवन अगर में कोई परेशानी है तो आप Ram Shalaka का प्रयोग कर सकते हैं ! श्री राम शलाका प्रश्नावली का प्रयोग कर जीवन के हर कठिन से कठिन प्रश्नों का जवाब पा सकते हैं !

आज के इस अर्टिकल में आपको राम शलाका के पढने का सबसे आसान तरीका बताऊंगा और साथ ही इससे होने बाले लाभ को पूरी जानकारी देने वाला हूँ तथा साथ में आप सभी को मैं Ram Shalaka Pdf भी देने वाला हूँ जिसे आप डाउनलोड करके पढ़ सकते है और उसका लाभ ले सकते है !

What is Ram Shalaka ?

हमारे धार्मिक साहित्य में इस अदभुत पवित्र ग्रन्थ श्री राम शलाका ( Ram Shalaka ) की बहुत मान्यता है और इसका उपयोग भी बहुत ही सरल है ! दुनिया का हर व्यक्ति चाहता है की उसका जीवन एक परी कथा की तरह हो, उसे अपने जीवन में हर प्रकार का सुख सुविधा मिले, सभी कार्य उसके अनुरूप हों ! लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है , और इसी से छुटकारा पाने के लिए राम शलाका का पाठ किया जाता है ! ताकि आपका हर मनोकामना पूर्ण हो सके !

How to use Ram Shalaka ?

श्री राम शलाका प्रश्नावली (Shri Ram Prashnavali) गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित है ! इस प्रश्नावली का प्रयोग कर आप जीवन के कठिन से कठिन प्रश्नों का जवाब पा सकते हैं ! इसे प्रयोग करना बहुत ही आसान है ! कोई भी सवाल करने से पहले भगवान श्री राम का स्मरण कर लें , और अपने सवाल को मन में अच्छी तरह सोच लें ! इसके बाद नीचे दिए गए किसी भी अक्षर पर आंख बंद कर के क्लिक करें ! आपके द्वारा क्लिक किए हुए अक्षर से प्रत्येक 9वें नम्बर के अक्षर को जोड़ कर एक चौपाई बनेगी जो की आपके प्रश्न का उत्तर होगी ! और उतर पाने के बाद कोई गलत कदम न उठाये !

श्री राम शलाका चौपाई

इस श्री राम शलाका में कुल 9 चौपाई है। जिसके आधार पर हमें उनसे अपने प्रश्न का उत्तर प्राप्त होता है।

सुनु सिय सत्य असीस हमारी। पूजिहि मन कामना तुम्हारी।

यह चौपाई बालकाण्ड में श्रीसीताजी के गौरीपूजन के प्रसंग में है। गौरीजी ने श्रीसीताजी को आशीर्वाद दिया है।

फलः- प्रश्नकर्त्ता का प्रश्न उत्तम है, कार्य सिद्ध होगा।

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा।

यह चौपाई सुन्दरकाण्ड में हनुमानजी के लंका में प्रवेश करने के समय की है।

फलः-भगवान् का स्मरण करके कार्यारम्भ करो, सफलता मिलेगी।

उघरें अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू।।

यह चौपाई बालकाण्ड के आरम्भ में सत्संग-वर्णन के प्रसंग में है।

फलः-इस कार्य में भलाई नहीं है। कार्य की सफलता में सन्देह है।

बिधि बस सुजन कुसंगत परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं।।

यह चौपाई बालकाण्ड के आरम्भ में सत्संग-वर्णन के प्रसंग में है।

फलः-खोटे मनुष्यों का संग छोड़ दो। कार्य की सफलता में सन्देह है।

होइ है सोई जो राम रचि राखा। को करि तरक बढ़ावहिं साषा।।

यह चौपाई बालकाण्डान्तर्गत शिव और पार्वती के संवाद में है।

फलः-कार्य होने में सन्देह है, अतः उसे भगवान् पर छोड़ देना श्रेयष्कर है।

मुद मंगलमय संत समाजू। जिमि जग जंगम तीरथ राजू।।

यह चौपाई बालकाण्ड में संत-समाजरुपी तीर्थ के वर्णन में है।

फलः-प्रश्न उत्तम है। कार्य सिद्ध होगा।

गरल सुधा रिपु करय मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई।।

यह चौपाई श्रीहनुमान् जी के लंका प्रवेश करने के समय की है।

फलः-प्रश्न बहुत श्रेष्ठ है। कार्य सफल होगा।

बरुन कुबेर सुरेस समीरा। रन सनमुख धरि काह न धीरा।।

यह चौपाई लंकाकाण्ड में रावन की मृत्यु के पश्चात् मन्दोदरी के विलाप के प्रसंग में है।

फलः-कार्य पूर्ण होने में सन्देह है।

सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे। राम लखनु सुनि भए सुखारे।।

यह चौपाई बालकाण्ड पुष्पवाटिका से पुष्प लाने पर विश्वामित्रजी का आशीर्वाद है।

फलः-प्रश्न बहुत उत्तम है। कार्य सिद्ध होगा

राम शलाका सावधानियां

  • राम शलाका का प्रयोग करते समय अपने मन से सभी नकारात्मक विचार हटा दें.
  • एक बार में पर एक ही सवाल करें. प्रश्न करने से पहले भगवान राम का ध्यान कर लें . इससे परणाम अच्छा आता है !
  • इससे वही सवाल ढूंढें जो आपके लिए बहुत जरूरी हों !
  • आपका सवाल का जबाब मिलने पर सही रास्ता को अपनाये !
  • आपको पूरा विश्वास हो तब इसे प्रयोग करें !

Download Ram Shalaka

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