Sudarshan Kavach in Hindi Pdf Download

Sudarshan Kavach एक अत्यंत तेजस्वी कवच है, जो परमानन्द की प्राप्त का मूल आधार का सेतु है जो शाधक शुद्ध मन और भाव से इस Sudarshan Kavach का पाठ करता है उसे सभी प्रकार का शिद्धिया प्राप्त होती है !

What is Sudarshan Kavach ?

सुदर्शन कवच इतना प्रभावी है किसी भी प्रकार का दुस्त गृह नष्ट हो जाते है , और आपका परेशानिया इस प्रकार से हट जाता है जैसे लगता है पानी में चीनी घुल गया हो ! आपको सभी प्रकार का चर्म रोग और वाधाये सुदर्शन कवच के मात्र 7 दिन के प्रयोग से ही नष्ट हो जाते हैं !

इस में दर्शाया गया मन्त्र को तुलसी मूल से अभिमंत्रित कर माथा पर तिलक लगाने से वशीकरण होता है !

शुदर्शन चक्र का पाठ करने से कोई भी दुसमन आपको कोई भी नुकसान पहुचने में अश्मर्थ हो जाता है , कोई भी व्यक्ति चाहकर भी उसे कोई नुकशान नहीं पहुंचा सकता क्योकि शुदर्शन चक्र का पाठ करने से भगवान विष्णु का कृपा उन पर बनी रहती है !

सुदर्शन चक्र क्यों नाम पड़ा ?

एक बार भगवान विष्णु ने देवताओ से बोला की आपलोगों के पास जितना भी शक्ति या बल है , उससे अशुर या राक्षस का वध करना मुस्किल है ! इसलिए आपलोगों के पास जो शक्ति है उससे एकत्रित एक विशेष प्रकार का अश्त्र बनाया जाय ! तभी राक्षस का संहार मुमकिन है , इसपर सारे देवताओ ने अपना अपना तेज दिया !

विष्णु ने अपना शक्ति प्रदान किया , सारे देवताओ को तेज को एकत्रित करके एक विशेष अस्त्र तैयार किया गया ! और महादेव ने इसका नाम सुदर्शन चक्र रखा ! महादेव ने इस सुदर्शन चक्र को दुष्टो को संहार करने और साधुओ को रक्षा करने के लिए इसे विष्णु जी शौप दिया !

विभिन्न पुराणों में सुदर्शन चक्र का वर्णन

मतस्य पुराण में

मतस्य पुराण के अनुसार एक दिन दिवाकर ने विश्वकर्मा जी से बोला की मेरा तेज थोडा कम कर दें ,क्योकि ज्यादा तेज की वजह से सभी प्राणी को बहुत मुस्किल का सामना करना पड़ता है ! वो लोग ज्यादा गर्मी सह नहीं पता है ! विश्वकर्मा जी ने चक्र चढ़ाकर उसका तेज कम कर दिया ! और जो तेज बचा उसे भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र के रूप में परिवर्तित कर दिया !

पद्मा पुराण में

पद्मा पुराण के अनुसार भिन्न भिन्न देवताओ के तेज वाले इस अस्त्र को भगवान श्री कृष्ण को प्रदान कर दिया था !

वामन पुराण में

वामन पुराण के अनुसार दामा सुर नमक भयंकर राक्षस को वध करने लिए किया गया था ! दामा सुर को मारने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने , विष्णु जी को यह अस्त्र प्रदान किया था ! जिससे की दामा सुर को वध किया गया !

शिव पुराण

शिव पुराण के अनुसार इस अस्त्र को खण्डव वन को जलने के लिए किया गया था ,भगवन शिव ने श्री कृष्ण को खण्डव वन को जलने के लिए दिया था !

हरी भक्ति विलास में

हरी भक्ति विलास में बताया गया है की सुदर्शन चक्र बहुत ही पूज्य है वैशनव लोगो को इसे चिन्ह के रूप में धारण करना चाहिए !

गरुड़ पुराण

गरुड़ पुराण में भी सुदर्शन चक्र का व्याख्या किया गया है , और इसका पूजा विधि के वारे में बताया गया है ! पूजा विधि कुछ इस प्रकार है की रात्रि में सोते समय पांच पांच बार जाप करने से समस्त शत्रुओ का नाश हो जाता है , और शत्रु भी मित्र के लिए हाथ बढ़ाने लगता है !

Sudarshan Kavach Strotra in Hindi

  • आपके विजय ,विजय , सुद्रसन , आपके विजय , विजय , सुदर्शन , जो भक्तो के दुश्मनो को डराता है ! सभी धन्य कार्यो के लिए आभूषण है , जो संसार के समुन्द्र को पर करने में मदद करता है , जो पुरे ब्रम्हांड को स्थिर करता है , जो बुरे कार्यों के संचित पापों को काट देता है , और जो dharmik आचरण सिखाता है !
  • आपके विजय ,विजय , सुद्रसन , आपके विजय , विजय , सुदर्शन, ब्रम्हांड का भगवान , उसका आभूषण है जो देवों के प्रति सभी असुरो के भय को दूर करता है , जो भगवान ब्रम्हा और दुसरो के यजमानो द्वारा पूजा किया जाता है ! आने वाले समय के लिए प्रतियोगिता के लिए भक्तो की ओर से है , और्भाग्वान शिव पूजा करते हैं !
  • आपके विजय ,विजय , सुद्रसन , आपके विजय , विजय , सुदर्शन , कौन प्रभामंडल की तरह से घिरा है , जो विष्णु के रूपों से घिरा है जो महान विद्मन को समझ पाना मुस्किल है , और जो भक्तो को समस्याओ को पार करने में मदद करता है !
  • आपके विजय ,विजय , सुद्रसन , आपके विजय , विजय , सुदर्शन , जो धर्मी लोग से दृष्टा से जुदा हुआ है , छः अच्छी सम्प्तिय्पो के लिए प्राकृतिक घर है , जिसने घोड़े की गर्दन से रूप धारण किया , और शिव द्वारा शहरो के विनाश का कारन है !

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