Suheldev Pdf Download in Hindi(Latest)

Suheldevको आप यदि डाउनलोड करना चाहते है तो आप हमारे इस वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है ! तथा आप हमारे इस वेबसाइट से Suheldev के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते है !

नमस्कार दोस्तों,

आज मैं आप लोगों ऐसी नॉवेल का पीडीएफ देने बाला हूं , जिसे पढ़ने के बाद आपका भी खून खौल उठेगा ! हमारे भारत में ऐसे वीर थे जो अकेले ही लाखो सेना को मात दे दिया करते थे ! उस राजा का नाम Suheldev था !

Suheldev

यह 2018 में रिलीज होने वाली थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से यह रिलीज ना हो पाया ! इस किताब के लेखक अमीश त्रिपाठी और एमोटर लेखक है ! एमोटर लेखक सेंटर एक लेखकों का समूह है !

Suheldev सरांश

इस कहानी का शुरुआत होती है, सन् 1025 से जिस समय युद्ध हो रहा होता है और युद्ध में तुर्की की सेना की शानदार जीत होती है! और वह सोमनाथ पर कब्जा कर चुके होते हैं ! फिर भगवान की मूर्ति को अपमानित करते हैं यह घटना पूरे भारत में फैल जाती है ! और युद्ध के बाद पूरे राजा उनके साथ हो जाता हैं , या फिर उनके सामने उनके सामने हार जाते हैं ! और जो हार जाता है उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ती है !

इस कहानी के मुख्य नायक सुहेल देव है क्योंकि उनके सामने कोई भी सेना का एक नहीं चलता है! सुहेलदेव के सामने सब घुटने टेक देते हैं ! धीरे-धीरे कहानी आगे बढ़ती है और नए नए किरदारों का परिचय होता है जैसे कि सुल्तान महमूद , सुल्तान के भतीजा मकसूद इत्यादि ! यह नॉवेल में हिंदू धर्म के साथ साथ सूफी कल्चर के बारे में काफी अच्छी तरह से बताया गया है !

सुल्तान काबुल कन्नौज से महमूद गजनबी भारी मात्रा में खजाना लूट कर गजनी चला गया ! इस खजाने को देखकर महमूद गजनबी के भांजे का दिमाग चकरा गया जिसका नाम का सलार मसूद , गाजी बाबा था इस खजाने को देखकर हिंदुस्तान पर आक्रमण करके यहां हुकूमत करने का निश्चय किया !

लेकिन यहां एक ऐसा शेर है जिसके नाम से ही दुश्मन थरथर कांपते थे , दुश्मनों पर तो यह काल बनकर टूट पड़ते थे ! वीर, विद्वान, प्रखर ,फूंक-फूंक कर कदम रखने वाले एक महान योद्धा थे ! जब हुकुम के पास खबर पहुंची के बहराइच के मैदानों में जिहादियों ने घेरे लगाए है ! तो महाराज Suheldev ने सभी राजाओं को एक पत्र लिखा ! उस पत्र में महाराज ने पत्र में लिखा हिंदुस्तान पर जिहादियों का हमला करने का नतीजा यह होगा कि खुले घूमने वाले शेर अब कैद कर लिए जाएंगे ! मैंने सुना है मूछों को ताव देने वाली सनातन इंसान अब विधवा हो जाएगी मैंने सुना है कि दुश्मनों पर काल बनकर गरजने वाली तलवार एक मंदा में कैद हो जाएगी ! आगे लिखा मैें धर्म युद्ध का शंखनाद करने जा रहा हूं बहराइच के मैदानों में अकेला लडूंगा इस धर्म युद्ध में भव्य की बुलंद की गूंज संपूर्ण विश्व सुनेगा !

तो सभी सोए हुए शेरों की आंखों में फिर से लाल रंग छा गया उन्होंने सुहेलदेव को जवाब देते हुए लिखा ! आप मूछों को ताव देते हुए धर्म युद्ध का आगाज कीजिए हम रक्त की नदियां बहा देंगे पर भगवे का सम्मान नहीं झुकने देंगे यह शेरों की दहाड़ भारत ने बहुत वर्षों बाद सुनी थी ! इसी के बाद इतिहास में पहली बार जनार्दनी वीरों की एक अखंड महाकाल सेना का निर्माण हुआ जिसमें 22 राज्यों की एक पसंद से ना तलवारों को लहराते हुए जय भवानी का युद्ध बोल दे रही थी!
एक लाख की महान सेना के योद्धाओं ने बहराइच के मैदानों में दुश्मनों को ललकारा हिंदी देश की पहली संयुक्त महाकाल सेना को देखकर सैयद सलार मसूद काफी भयभीत हुआ ! तभी युद्ध के लिए तत्वों ने शंखनाद के साथ ही माल बनकर टूट पड़े अपनी सेना के साथ के साथ खेलना शुरू किया था !

विरो के वीर की दहाड़ देते हुए मैदान में आ गए, हाथों में तलवार लिए मां भवानी का युद्ध को अंजाम दे रहा था ! यह महाराज सुहेलदेव थे ! जिनकी आंखों में लाल रक्त बह रहा था और पूरे शरीर में रक्त शत्रु को मारने के लिए उफान मार रहा था ! उसको महाराजा भूत की सेना ने घेर लिया इधर स्वयं अपने घोड़े से उतर कर देख भवानी करने ही वाले थे ! कि राजा भोज ने शत्रु को दो टुकड़ों में कर दिया ! इसमें एक एक जिहादी मारा गया ! इस जीत के साथ भव्य को नमन किया फिर में बदल चुके सोमनाथ मंदिर को करवाया उसका निर्माण भी करवाया इतिहास के बारे में नहीं पढ़ाया जाता , जिन्होंने सोए हुए शेरों को जगाया !

Download Suheldev

डिस्क्लेमर :-Hindi Gyan किसी भी प्रकार के पायरेसी को बढ़ावा नही देता है, यह पीडीऍफ़ सिर्फ शिक्षा के उद्देश्य से दिया गया है! पायरेसी करना गैरकानूनी है! अत आप किसी भी किताब को खरीद कर ही पढ़े ! इस लेख को अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे !

Download SuheldevBuy on Amazon