Where the mind is without fear pdf download

Where the mind is without fear pdf download

नमस्कार दोस्तों,
मै रोहित कुमार आज मै अपने ब्लॉग में बहुत ही इंट्रेस्टिंग टॉपिक पर बात करने वाले हैं , जिस टॉपिक पर करने वाले हैं वो इस प्रकार है “where the mind is without fear” ! ये एक बहुत ही प्रसिद्ध कविता है जो रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है, इस कविता में रबिन्द्रनाथ टैगोर ने कल्पना किए है की हमारा भारत कैसा होना चाहिए , तो जानते हैं की इस कविता में रवींद्रनाथ टैगोर ने हमें क्या संदेश देना चाहते हैं !

“where the mind is without fear” ये कविता 1910 में पब्लिश हुआ जो कि बंगाली भाषा में था , लेकिन इसका इंग्लिश वर्जन 1912 में पब्लिश हुआ था , “where the mind is without fear” उस समय पब्लिश हुआ था जिस समय भारत अंग्रेजो के गुलाम था , और इस कविता उसी के बारे में बताया गया है कि जब भारत आजाद होगा तो कितना सुन्दर होगा, क्या क्या सुबिधा मिलने वाले और क्या नियम कानून होने वाले हैं, ये कविता गीतांजलि में वर्णित है

रवींद्रनाथ टैगोर


रवींद्रनाथ टैगोर का जन्‍म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था, उनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ टैगोर एवं माता का नाम शारदा देवी है, टैगोर की माता का निधन उनके बचपन में हो गया था  ! रवींद्रनाथ टैगोर को बचपन से ही कविता लिखने का शौक था, इसीलिए वो अपनी मात्र 8 साल के ही उम्र में कविता लिख डाले थे ! उन्होंने अपने जीवन काल में करीब 1000 से ज्यादा कविता लिख चुके हैं ! टैगोर करीब 2500 गीत लिख चुके हैं , सबसे बड़ी बात कि भारत और बाग्लादेश का राष्ट्र गान उन्होंने ही लिखा है ! रवींद्रनाथ टैगोर एशिया और भारत के प्रथम व्‍यक्ति हैं, जिन्‍हें नोबल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है ! रवींद्रनाथ टैगोर को नोबल पुरस्कार गीतांजलि नामक रचना के कारण मिला था !

गीतांजलि क्या है?


गीतांजलि विभिन्न कविता का संग्रह है , जिसकी रचना रवींद्रनाथ टैगोर ने किया था जिसके कारण इन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ! गीतांजलि कई भाषा में लिखा गया है ! रवीन्द्रनाथ टैगोर रहस्यवादी और वैष्णव काव्य के नाम से जाने जाते हैं, मनुष्य और परमात्मा के प्रति प्रेम में का रिलेशन को हमेशा दर्शाते रहते हैं ! लेकिन
गीतांजलि के स्वर में सिर्फ रहस्यवाद है ! ऐसे तो गीतांजलि बहुत सारे कविता हैं लेकिन इसमें मात्र 53 कविताएं अंग्रेजी भाषा में है ! अंग्रेजी में बांग्ला की सर्वाधिक चर्चित कविता ‘ह्वेयर द माइंड इज विदाउट फीयर’ है !

“where the mind is without fear”
‘ह्वेयर द माइंड इज विदाउट फीयर’ ये कविता 1910 में लिखा गया था , जो बांग्ला भाषा में था और 1912 में अंग्रेजी में लिखा गया था और जिस समय लिखा गया था उस समय भारत , अंग्रेजो का गुलाम था गुलामी के जंजीर में जकड़ी हुई थी , तब रवींद्रनाथ टैगोर ने इस कविता को को लिखा था , जो इस प्रकार है-

Where the mind is without fear and the head is held high


जहाँ मन बिना भय के होता है और सिर ऊँचा होता है
वह कहते हैं कि उसके किसी भी देशवासी  को हर समय अपने मन में डर नहीं रखना चाहिए, अपने जीवन खुशी खुशी जीना चाहिए !

Where knowledge is free
जहां ज्ञान मुफ्त है
ज्ञान सभी नागरिकों के लिए मुफ्त उपलब्ध होना चाहिए शैक्षिक संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज में कोई जाती वाद या धर्म को लेकर भेद भाव ना हो एवं सभी को मुफ्त शिक्षा मिले !

Where the world has not been broken up into fragments
जहां दुनिया को टुकड़ों में नहीं तोड़ा गया है,
भारत के लोगों को आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए , क्योंकि एकता में बल होता है

By narrow domestic walls
संकीर्ण घरेलू दीवारों द्वारा,
हम सारे मिलकर आने वाले कठिनाइयों का सामना करना चाहिए !

Lines 5 – 8:

Where words come out from the depth of truth,
जहां सत्य की गहराई से शब्द निकलते हैं,
किसी भी व्यक्ति को अपने फायदे के लिए झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि हमारे ग्रथ में बोला गया है कि झूठ बोलना पाप है !

Where tireless striving stretches its arms towards perfection,
जहां अथक प्रयास अपनी बाहों को पूर्णता की ओर खींचता है,
हर एक व्यक्ति को खुद को सुधारने के लिए प्रयास करना चाहिए , जब तक की वह स्वयं संतुष्ट न हो जाए

Where the clear stream of reason has not lost its way,
जहां कारण की स्पष्ट धारा ने अपना रास्ता नहीं खोया है,
जीवन में हमेशा पानी कि होना चाहिए जिस तरह से वो अपना रास्ता खुद ही तय करता है !

Into the dreary desert sand of dead habit,
मृत आदत के सुनसान रेत में,

Lines 9 – 11:

Where the mind is led forward by thee,
जहां मन आपके द्वारा आगे की ओर ले जाता है,
मन में हमेशा उचा शोच रखना चाहिए, ताकि हम लोग हमेशा आगे बढ़ते रहेंगे

Into ever-widening thought and action,
कभी सोच-विचार और कार्रवाई में व्यापक,
अपने देशवासियों को उनके नेतृत्व में ले जायें ताकि वे अपने विचारों और उनके कार्यों दोनों के क्षितिज को व्यापक कर रहे !

Into that heaven of freedom, my Father, let my country awake.
स्वतंत्रता के उस स्वर्ग में, मेरे पिता, मेरे देश को जगाने दो,
अगर आप लोग ये सारे बातो को फॉलो करेंगे तो भारत स्वर्ग में बदल जाएगा – एक स्वर्ग जहां उसके सभी नागरिक वास्तव में स्वतंत्र होंगे !

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